64 उड़ानों के जरिए स्‍वदेश लौटेंगे 14,800 भारतीय नागरिक

वाशिंगटन, प्रेट्र। नॉवेल कोरोना वायरस के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए दुनिया भर में जारी लॉकडाउन के तहत यात्रा प्रतिबंध लागू है। इसके कारण दूसरे देशों में भारतीय छात्र व पर्यटक फंसे हुए हैं। केंद्र सरकार ने इन्‍हें वापस लाने के लिए विशेष विमानों की व्‍यवस्‍था की है। इसके तहत 60 से अधिक उड़ानों की योजना है जिसके जरिए दूसरे देशों में फंसे 14 हजार से अधिक भारतीय नागरिक वापस लौटेंगे।



भारत से विमानों को अमेरिका (US), फिलिपींस (Philippines), सिंगापुर (Singapore), बांग्‍लादेश (Bangladesh), संयुक्‍त अरब अमीरात (UAE), यूनाइटेड किंगडम (UK), सऊदी अरब ( Saudi Arabia), कतर ( Qatar), सिंगापुर (Singapore), ओमान ( Oman), बहरीन (Bahrain) और कुवैत (Kuwait) भेजा जाएगा जहां भारतीय नागरिक लॉकडाउन के कारण फंस गए हैं।


दोहा में भारतीय दूतावास ने प्रेस रिलीज जारी कर जानकारी दी कि भारत सरकार की ओर से दोहा के लिए दो विशेष उड़ानों की व्‍यवस्‍था की गई है। 7 मई को पहली उड़ान दोहा से कोच्‍चि के बीच होगी। दूसरी उड़ान 10 मई को दोहा से तिरुअनंतपुरम के लिए होगी। नागरिक उड्डयन मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा, ‘7 से 13 मई के बीच विभिन्‍न देशों में फंसे भारतीयों को लाने के लिए 64 उड़ानें भेजी जाएंगी।' इनके अनुसार, संयुक्‍त अरब अमीरात-10, कतर-2, सऊदी अरब-5, यूनाइटेड किंगडम 7, सिंगापुर-5, अमेरिका-7, फिलिपींस-5, बांग्‍लादेश-7, बहरीन-2, मलेशिया-7, कुवैत-5 और ओमान-2 जाएंगे।’


कुछ ऐसी है योजना


पहले दिन 10 विमान में 2,300 भारतीय नागरिकों को वापस लाया जाएगा। दूसरे दिन 9 विभिन्‍न देशों से 2,050 भारतीय नागरिकों को चेन्‍नई (Chennai), कोच्‍चि (Kochi), मुंबई (Mumbai), अहमदाबाद (Ahmedabad), बेंगलुरु (Bengaluru) और दिल्‍ली लाया जाएगा। इसके बाद मिड्ल ईस्‍ट, यूरोप, साउथ ईस्‍ट एशिया व अमेरिका के 13 देशों से लगभग इतने ही नागरिक मुंबई (Mumbai) कोच्‍चि ( Kochi), लखनऊ (Lucknow) और दिल्‍ली लाए जाएंगे। योजना के तहत चौथे दिन अमेरिका, यूनाइटेड किंगडम व संयुक्‍त अरब अमीरात समेत 8 विभिन्‍न देशों में फंसे 1,850 भारतीय नागरिक विमान से लौटेंगे वापस। इन विमानों में शारीरिक दूरी के नियमों का पालन करते हुए 200 से 300 यात्रियों को लिया जाएगा। विमानों में सवार होने के पहले यात्रियों को अपने बुखार, कफ, डायबीटिज या सांस संबंधित बीमारियों के बारे में बताना होगा।


विमानों के अलावा नेवी के तीन जहाज भी 1000 भारतीय नागरिकों को लेने जाएंगे। आइएनएस जलश्‍व (INS Jalashwa), आइएनएस शार्दूल (INS Shardul) और आइएनएस मगर (INS Magar) इनमें शामिल है।


अमेरिका में फंसे भारतीय 


अमेरिका में फंसे भारतीय नागरिकों को लाने के लिए इस सप्‍ताह विशेष उड़ानों की व्‍यवस्‍था की जाएगी जो सैन फ्रांसिस्‍को से शुरू होगी। हालांकि अभी इसके लिए निश्‍चित तारीख की घोषणा नहीं की गई है। ये विमान सैन फ्रांसिस्‍को (San Francisco), न्‍यूयार्क (New York), शिकागो (Chicago) और वाशिंगटन डीसी (Washington DC) से उड़ान भरेंगी।


कम्‍युनिटी नेताओं ने भारत सरकार के इस फैसले का स्‍वागत किया है। सोमवार को भारत सरकार ने ऐलान किया कि विदेशों में फंसे भारतीय नागरिकों को स्‍वदेश वापसी के लिए विशेष विमानों की व्‍यवस्‍था कराई जाएगी। जो कई चरणों में 7 मई से शुरू होगा। अमेरिका में भारतीय दूतावास व इसके कंसुलेट उन भारतीय नागरिकों की सूची तैयार कर रहे हैं जिन्‍हें वापस भारत लौटना है। यह सूची ऑनलाइन रजिस्‍ट्रेशन फॉर्म के जरिए बनाई जा रही है। 


पैसे हो गए हैं खत्‍म


जयपुर फुट- अमेरिका चैप्‍टर के अध्‍यक्ष प्रेम भंडारी (Jaipur Foot USA Chairman Prem Bhandari) को अमेरिका में फंसे अनेकों भारतीय नागरिकों के फोन कॉल आ रहे हैं। इनमें से कुछ ऐसे छात्रों के हैं जो रहने का ठिकाने की तलाश में हैं, कुछ ऐसे पर्यटक हैं जिन्‍हें दवाएं चाहिए। अध्‍यक्ष भंडारी ने लिखित रूप से विदेश सचिव हर्ष वर्धन श्रृंगला (Foreign Secretary Harsh Vardhan Shringla) और सिविल एविएशन सेक्रेटरी प्रदीप सिंह खरोला (Pradeep Singh Kharola) को इस गंभीर हालात से अवगत कराया। उन्‍होंने लिखा, ‘बड़ी संख्‍या में यहां छात्र फंसे हैं जिनके पास पैसे खत्‍म हो चुके हैं। रहने के लिए कोई ठिकाना नहीं है। गंभीर बात यह है कि इस स्‍थिति से उनके मानसिक और शारीरिक स्‍वास्‍थ्‍य पर असर पड़ रहा है।’